Sunday, June 28, 2020

पहली पोस्टिंग | Suspense story in Hindi


Suspense story in Hindi

मनोज अपनी पुलिस सब इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अपनी पहली जॉब पोस्टिंग को लेकर उत्साहित था | ऐसे में उसको पहली पोस्टिंग श्रीनगर उत्तराखंड में मिली | तय वक़्त पर मनोज अपने ऋषिकेश स्थित घर से अपनी कार से अपनी कर्मभूमि के लिए निकल गया | दोपहर के वक़्त मनोज ऋषिकेश से निकला, गाड़ी में वह अकेला ही था, सफ़र भी लम्बा था इसलिए बड़े आराम से ड्राइव करता वह श्रीनगर की ओर जा रहा था | 

suspense story in Hindi
Suspense story in Hindi

रास्ते में तीन धारा नामक जगह पर रूककर उसने खाना खाया, तब तक शाम हो चुकी थी | पहले मनोज के मन में ख्याल आया कि रात को रास्ते में ही किसी होटल में रुका जाए लेकिन चूंकि अगले दिन सुबह ही उसको थाने पर रिपोर्ट करना था इसलिए उसने रुकने का ख्याल छोड़ रात में ही पहुँचने का सोचा और गाडी लेकर चल दिया | 

श्रीनगर पहुँचने से पहले ही अँधेरा हो चुका था | रास्ता भी ऊबड़ खाबड़ था इसलिए मनोज काफी आराम से ड्राइव कर रहा था | शहर से लगभग दो किलोमीटर पहले ही घना जंगल आया , एक तरफ पहाड़ और दूसरी तरफ खाई, चारो तरफ सन्नाटा था कि तभी मनोज ने देखा कि सामने एक औरत और एक छोटी लड़की साथ में रोड पर खड़े गाडी को हाथ से रुकने का इशारा कर रहे हैं | 

पहले तो मनोज के मन में आया कि गाडी ना रोके पर दूसरे ही पल लगा कि हो सकता है कोई सच में जरूरतमंद हो, पता नही किस समस्या में हो और मैं भी पुलिस ऑफिसर हूँ, भला मेरा क्या कर लेगी, ऐसा सोचकर मनोज ने गाडी रोक ली | गाडी रुकते ही महिला और बच्ची दोनों गाड़ी के गेट के पास आये और महिला बोली – क्या आप हमें श्रीनगर तक लिफ्ट दे सकते हैं, हमारी गाडी ख़राब हो गयी है | 

मनोज ने नजर घुमा के चारो और देखा – चारो ओर घना अँधेरा था, लेकिन वहां कोई गाडी नहीं थी | मनोज ने महिला से कहा – कहाँ है आपकी गाडी, यहाँ तो कोई गाडी नहीं है | महिला ने कहा – यही पास में ही दो सौ मीटर दूर पीछे खड़ी है, आपको आते वक़्त दिखी होगी दाई तरफ या शायद आपने ध्यान नहीं दिया होगा | मनोज ने कहा – हो सकता है शायद मैंने ध्यान  नहीं दिया, आईये बैठ जाइये, मैं आपको छोड़ दूंगा | 

Suspense story in Hindi

महिला और बच्ची दोनों पीछे की सीट पर बैठ गए और मनोज ने गाडी को आगे बढाया | मनोज ने महिला से पूछा – आप इतनी रात में अकेले कहाँ जा रहीं थी, आपके साथ कोई नहीं है क्या ? महिला ने बताया कि वह श्रीनगर में एक सरकारी बैंक में जॉब करती है और पास में ही अपने गाँव से आ रही थी कि अचानक गाडी ख़राब हो गयी | 

महिला ने बताया कि उसके पति भी श्रीनगर में ही एक दूसरे सरकारी बैंक मैं जॉब करते हैं | ऐसे ही बातें करते हुए महिला ने मनोज से पूछा कि आप कहाँ जा रहे हैं और कहाँ से आ रहे हैं ? मनोज ने बताया कि वो एक पुलिस ऑफिसर है और उसको पहली पोस्टिंग श्रीनगर मिली है और वह अपने घर ऋषिकेश से आ रहा है | 

इस पर महिला ने कहा – रात में पहाड़ो पर ड्राइव करना सेफ नहीं है, यहाँ अक्सर एक्सीडेंट्स होते रहते हैं, अगर कोई इमरजेंसी न हो तो आप दिन में ही ड्राइव करें तो अच्छा होगा, आज ही थोड़ी देर पहले ही यहाँ पास में कोई कार एक्सीडेंट हुआ है, दो लोगों की मौत हो गयी है इसलिए आप अभी नए आये हैं इसलिए बता रही हूँ | 

मनोज ने भी महिला की हाँ में हाँ मिलायी | थोड़ी ही देर में वे लोग  श्रीनगर पहुच गए | शहर में आते ही महिला ने कहा – यहीं रोक दीजिये, यहीं पास में ही मेरा घर है | मनोज ने कार रोकी, महिला ने शुक्रिया कहा और महिला और बच्ची दोनों कार से उतर गए | 

मनोज ने महिला से पूछा – थाना कितना आगे है ? महिला ने बताया – थोडा आगे जाकर बायीं तरफ रोड पर ही है, मनोज ने भी शुक्रिया कहा और गाडी लेकर आगे बढ़ गया | थाना पहुँचकर मनोज ने गाडी पार्क की और अंदर जाकर अपने सहकर्मियों से मिला और कुछ ही देर में खाना खाकर सो गया | 

सुबह उठकर सबसे पहले तैयार होकर मनोज ने कागजी कार्यवाही पूरी की, जाइनिंग रिपोर्ट आदि सबमिट की और तभी उसको पता चला कि रात श्रीनगर के रास्ते में दो किलोमीटर पीछे कोई एक्सीडेंट हो गया है और दो लोगों की मौत हो गयी है | मनोज को लगा कि जरूर ये वही लोग होंगे जो उस महिला ने बताया था | 

suspense story in Hindi
Suspense story in Hindi

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मनोज ने उत्सुकता से अपने सहकर्मी से पूछा – कौन लोग थे जिनका एक्सीडेंट हुआ है ? सहकर्मी ने बताया – दो लोग हैं शायद माँ बेटी थी, महिला यहीं किसी बैंक में जॉब करती थी | ये सुनकर मनोज का दिल जोर जोर से धड़कने लगा, उसने तुरंत सहकर्मी से कहा – क्या तुम वहां जा रहे हो ? मैं भी चलता हूँ | 

मनोज अपने सहकर्मियों के साथ थोड़ी ही देर में घटना स्थल  पर पंहुचा लेकिन ये क्या, ये तो वही जगह थी जहाँ से कल मनोज ने उस महिला और बच्ची को लिफ्ट दी थी, थोड़ी ही दूर आगे खाई में एक कार पड़ी थी, जिसे क्रेन से निकाला जा रहा था | 

मनोज जल्दी से गाडी से उतरा  और तुरंत डेड बॉडी की तरफ दौड़ता हुआ गया और जैसे ही मनोज ने दोनों का चेहरा देखा तो मनोज के होश उड़ गए – दोनों माँ बेटी वही थीं जिनको कल मनोज ने लिफ्ट दी थी | ***


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