Tuesday, July 14, 2020

मेंढक की छलांग | Hindi short story for Kids

Hindi short story for kids

बरसात का मौसम था, तालाब में से निकलकर कुछ मेंढक खुली जमीन की तरफ जा रहे थे | तभी रास्ते में एक बड़ा सा गड्ढा आया और अचानक दो मेंढक उस गड्ढे में गिर गए

Hindi short story for kids
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अब
दोनों मेंढक उछल उछल कर गड्ढे से निकलने की कोशिश करने लगे | बाकी सभी मेंढक उन दोनों को देखकर बोले अरे ये तो बहुत गहरा गड्ढा है, तुम इससे बाहर नहीं निकल पाओगे, लेकिन दोनों मेंढक लगातार निकलने के लिए छलांगे मार रहे थे

सारे मेंढक गड्ढे के चारों तरफ गए और ऊपर से ही कहने लगे तुम दोनों बेकार में कोशिश कर रहे हो, गड्ढा बहुत गहरा है, तुम नहीं निकल पाओगे, उछल उछल कर थक जाओगे लेकिन तुम बाहर नहीं पाओगे |

दोनों मेंढक लगातार छलांगे मारे जा रहे थे लेकिन गड्ढा बाकई गहरा थाउनके बहुत प्रयास करने के बाद भी दोनों नहीं निकल पा रहे थे | ऊपर के मेंढक फिर से एक साथ कहने लगे तुम बेकार में कोशिश कर रहे हो, तुम नहीं निकल पाओगे, रहने दो, बेकार में मेहनत मत करो

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दोनों मेंढकों को चारों ओर बस यही शोर सुनाई दे रहा था तुम नहीं निकल पाओगे, तुम बेकार में मेहनत मत करो | गड्ढे में गिरे दो मेंढकों में से एक ने ऊपर वाले मेंढकों का शोर सुनकर उछलना बंद कर दिया और एक तरफ बैठ गया लेकिन दूसरा मेंढक लगातार उछलता रहा

अब दूसरे मेंढक को उछलता देख सारे मेंढक फिर से चिल्लाने लगे तुम नहीं निकल पाओगे, हमारी बात मान लो, बेकार में मेहनत मत करो, तुम नहीं निकल पाओगे

इस सब के बावजूद वो मेंढक लगातार उछलता रहा और पहले से ज्यादा जोश के साथ उछलने लगा | थोड़ी ही देर में एक लम्बी छलांग उसने मारी और गड्ढे के आधे भाग में गया, उसको वहां एक किनारा ठहरने के लिए मिल गया और अगली ही छलांग में वह गड्ढे से बाहर गया

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अब मेंढक जब बाहर गया तो बाकी सभी मेंढकों ने उसको चारों ओर से घेर लिया और उसकी तारीफ करने लगेवाह तुमने तो कमाल कर दिया, इतने गहरा गड्ढे से निकलकर तुमने असंभव को संभव कर दिया, शाबाश ! बहुत अच्छे

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तभी मेंढकों  में से एक ने उससे पूछा कि हम सब तो चिल्ला चिल्ला कर  मना कर रहे थे फिर भी तुम क्यों उछलते रहे ? मेंढक ने कहा माफ़ करना मुझे सुनाई नहीं दे रहा, आप क्या कह रहे हैं, इशारों में बताइए क्योंकि मैं बहरा हूँ, सुन नहीं सकता

मेंढकों ने इशारों से उससे पूछा तो मेंढक बोला मुझे सुनाई नहीं दे रहा था, मुझे लगा आप लोग चिल्ला चिल्ला कर मुझे बाहर आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं , मेरा होंसला बढ़ा रहे हैं इसलिए मैं लगातार उछलता रहा

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इस कहानी से ये हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें दूसरे लोगों की नकारात्मक बातों या टिप्पणियों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, उन्हें अपने लिए सकारात्मक समझकर आगे बढ़ते रहना चाहिए और अपने लक्ष्य के प्रति डटकर सामना करना चाहिए | ***


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