Thursday, August 20, 2020

कक्षा 6 के लिए कहानी | Hindi story for class 6

स्वभाव | Hindi story for class 6 

एक बार की बात है, एक ज्ञानी ऋषि अपनी पत्नी के साथ अपने आश्रम में रहा करते थे | उनके कोई संतान नहीं थी |

काफी उपायों और प्रयत्नों के बाद भी उनको कोई संतान नहीं हुई तो उन्होंने इसे ईश्वर की इच्छा मानकर स्वीकार कर लिया |

ऋषि रोज स्नान के लिए नदी जाया करते थे और सूर्य को अर्घ दिया करते थे |
Hindi story for class 6
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एक दिन रोज की तरह स्नान के लिए ऋषि नदी में गए और सूर्य को अर्घ दे रहे थे की तभी एक बाज एक चुहिया को पंजे में दबाकर उड़ रहा था और अचानक बाज के पंजो से चुहिया छिटककर ऋषि के हाथों में गिर गयी

Hindi story for class 6
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चुहिया घायल अवस्था में थी | ऋषि उसको अपने आश्रम ले आये, उसका उपचार किया और उसको अपनी शक्ति से एक सुंदर लड़की के रूप में परिवर्तित कर दिया |

अब ऋषि और उनकी पत्नी उसको अपनी पुत्री की तरह पालने लगे | जब लड़की बड़ी हुई तो ऋषि उसके विवाह के विषय में सोचने लगे |

Hindi story for class 6

ऋषि ने अपनी पुत्री को विवाह के सम्बन्ध में पूछा तो वह बोली मैं इस संसार के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति से ही विवाह करुँगी |

पुत्री की इच्छा जानकार ऋषि एक दिन अपनी पुत्री को साथ लेकर सूर्य देव की उपासना करने लगे, ऋषि ने सोचा इस संसार में सूर्य से अधिक शक्तिमान कोई नहीं है अतः उनसे ही अपनी पुत्री का विवाह करूँगा |

ऋषि के आव्हान करने पर सूर्य देव प्रकट हुए तो ऋषि ने कहा प्रभु ! आप मेरी पुत्री से विवाह कर लीजिये | आप से शक्तिमान कोई नहीं है, आप ही मेरी पुत्री के लिए उचित वर हैं |

Hindi story for class 6
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इससे पहले कि सूर्य देव कुछ बोलते, ऋषि की पुत्री बोली मुझे इनसे विवाह नहीं करना | सूर्य का ताप में सहन नहीं कर पाऊँगी, मैं जल जाऊँगी, मुझे ये विवाह स्वीकार नहीं है |

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सूर्य देव यह सुनकर ऋषि से बोले बेशक मैं शक्तिमान हूँ लेकिन बादल मुझे ढक लेते हैं इसलिए मुझसे भी ज्यादा शक्तिशाली बादल हैं अतः आप बादलों के राजा वरुण देव के पास जाइये, वही आपकी पुत्री के लिए उचित वर हैं |

Hindi story for class 6
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ऋषि ने वरुण देव का आव्हान किया तो वरुण देव प्रकट हुए | ऋषि वरुण देव से बोले आप मेरी कन्या से विवाह कर लीजिये |

वरुण देव कुछ कहते इससे पहले कन्या बोली मुझे इनसे भी विवाह नहीं करना |

वरुण देव बोलेहवा मुझे (बादलों) को उड़ाकर ले जाती है अतः मुझसे भी ज्यादा शकिमान वायु है अतः आप पवन देव के पास जाइये |

ऋषि ने पवन देव का आव्हान किया तो पवन देव प्रकट हुए | ऋषि पवन देव से बोले आप मेरी कन्या से विवाह कर लीजिये |

पवन देव कुछ कहते इससे पहले ऋषि की पुत्री ने उनसे भी विवाह के लिए मना कर दिया |

पवन देव बोले पहाड़ मेरा मार्ग रोक देते हैं अतः वो मुझसे भी ज्यादा शक्तिमान हैं अतः आप पहाड़ों के राजा हिमालय के पास जाइये |

Hindi story for class 6
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ऋषि ने हिमालय से कहा आप मेरी पुत्री से विवाह कर लीजिये | हिमालय कुछ बोलते इससे पहले ऋषि की पुत्री ने उनसे भी विवाह करने से मना कर दिया |

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हिमालय ने कहा चूहे मुझमें बिल बनाकर रहते हैं अतः वे मुझसे भी अधिक शक्तिमान हैं आप उनसे अपनी पुत्री का विवाह कर दीजिये |

Hindi story for class 6
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ऋषि ने अपनी शक्ति से वापस लड़की को चुहिया बना दिया और एक चूहे से उसका विवाह कर दिया |

इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि कोई भी क्यों हो, चाहे मनुष्य हो या जानवर, उसका जन्मजात स्वभाव कभी नहीं बदलता है |


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